Notice
जनकृति का मई-जून 2017 सयुंक्त अंक आप सभी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है. अंक में प्रकाशित सामग्री आप विषय सूची के आधार पर बायीं ओर स्तम्भ में पढ़ सकते हैं.

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1कुमारी अर्चना की कविताकुमारी अर्चनाRead Online Download PDF
2अनूप बाली की कविता अनूप बालीRead Online Download PDF
3रेखा दुग्गल की कविता रेखा दुग्गलRead Online Download PDF
4सुशांत सुप्रिय की कविता सुशांत सुप्रिय Read Online Download PDF
5मीनाक्षी गांधी की कविता मीनाक्षी गांधीRead Online Download PDF
6डॉ. अमलदार ‘निहार’ की कविता डॉ. अमलदार ‘निहार’Read Online Download PDF
7सुमित चौधरी की कविता सुमित चौधरीRead Online Download PDF
8प्रेम कुमार की कविता प्रेम कुमारRead Online Download PDF
9डॉ. उषा रानी राव की कविता डॉ. उषा रानी रावRead Online Download PDF
10शहंशाह आलम की कविता शहंशाह आलमRead Online Download PDF
11दीपक कुमार की कविता दीपक कुमारRead Online Download PDF
12नवगीत: डॉ. हीरालाल प्रजापति डॉ. हीरालाल प्रजापति Read Online Download PDF
13आबिदा: शहादत [कहानी]शहादतRead Online Download PDF
14तीसरा प्रेम: मोबिन जहोरोद्दीन [कहानी]मोबिन जहोरोद्दीनRead Online Download PDF
15पुनर्विवाह: डॉ मधु त्रिवेदी [लघुकथा]डॉ मधु त्रिवेदीRead Online Download PDF
16भगत सिंह होने का मतलब (लेखक- मुद्राराक्षस): समीक्षक: जुगुल किशोर चौधरी [पुस्तक समीक्षा]जुगुल किशोर चौधरीRead Online Download PDF
17‘तिरंगे के तले’ [उपन्यास- विनोद विश्वकर्मा]: समीक्षक- डॉ. रावेन्द्र कुमार साहू [पुस्तक समीक्षा]डॉ. रावेन्द्र कुमार साहूRead Online Download PDF
18व्यंग्य: सुदर्शन वशिष्ठ सुदर्शन वशिष्ठRead Online Download PDF
19गुलाटी कला महातम्य: प्रदीप कुमार साह [व्यंग्य] प्रदीप कुमार साहRead Online Download PDF
20मनु स्मृति: आलोक कुमार [एकांकी]आलोक कुमारRead Online Download PDF
21देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा: डॉ. प्रमोद पांडेय [यात्रा वृत्तांत]डॉ. प्रमोद पांडेयRead Online Download PDF
22वो सच्चा सिपाही: निशा मित्तल [यात्रा वृत्तांत]निशा मित्तलRead Online Download PDF
23वो सच्चा सिपाही: निशा मित्तल [यात्रा वृत्तांत]निशा मित्तलRead Online Download PDF
24हाईकु: अलका गुप्ताअलका गुप्ताRead Online Download PDF
25हाईकु: नवीन कुमार जैननवीन कुमार जैनRead Online Download PDF
26अरुणाचल प्रदेश का लोकसाहित्य: वीरेन्द्र परमार [लोकसाहित्य] वीरेन्द्र परमारRead Online Download PDF
27हिंदी सिनेमा में स्त्री यात्रा: बदलाव के बिंदु: डॉ. रमा [लेख]डॉ. रमाRead Online Download PDF

 विषय सूची/Index

जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका                                                        ISSN 2454-2725

 Jankriti International Magazine                                      www.jankritipatrika.in

Vol.3, issue 25-26, May-June 2017.                       वर्ष 3, अंक 25-26 , मई-जून  2017

 

साहित्यिक विमर्श/ Literature Discourse

कविता

कुमारी अर्चना, अनूप बाली, रेखा दुग्गल, सुशांत सुप्रिय, मीनाक्षी गांधी, डॉ. अमलदार ‘निहार’, सुमित चौधरी, प्रेम कुमार, डॉ. उषा रानी राव, शहंशाह आलम, दीपक कुमार,

 

नवगीत

डॉ. हीरालाल प्रजापति

 

कहानी

  • आबिदा: शहादत
  • तीसरा प्रेम: मोबिन जहोरोद्दीन

 

लघुकथा

  • पुनर्विवाह: डॉ मधु त्रिवेदी

 

पुस्तक  समीक्षा

  • भगत सिंह होने का मतलब (लेखक- मुद्राराक्षस): समीक्षक: जुगुल किशोर चौधरी
  • 'कब्र भी कैद और जंजीरें भी' (कहानी संग्रह- अल्पना मिश्र): समीक्षक- अनुपम सिंह
  • तिरंगे के तले’ [उपन्यास- विनोद विश्वकर्मा]: समीक्षक- डॉ. रावेन्द्र कुमार साहू

 

व्यंग्य

  • सुदर्शन वशिष्ठ
  • गुलाटी कला महातम्य: प्रदीप कुमार साह

 

एकांकी

  • मनु स्मृति: आलोक कुमार

 

यात्रा वृत्तांत

  • देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा: डॉ. प्रमोद पांडेय
  • वो सच्चा सिपाही: निशा मित्तल

 

हाईकू

  • अलका गुप्ता
  • नवीन कुमार जैन

 

लोकसाहित्य

  • अरुणाचल प्रदेश का लोकसाहित्य: वीरेन्द्र परमार

 

कला- विमर्श/ Art Discourse

  • हिंदी सिनेमा में स्त्री यात्रा: बदलाव के बिंदु: डॉ. रमा [लेख]
  • साहित्य और सिनेमा: अजय कुमार चौधरी [लेख]
  • सिनेमा और समाज में वृद्ध : भावना सरोहा [लेख]
  • मधुर भंडारकर का सिनेमा और स्त्री विमर्श: दुगमवार साईनाथ गंगाधर [शोध आलेख]
  • भरतमुनि पूर्व पार्श्व रंगमंच की अवधारणा: नरेंद्र कुमार [शोध आलेख]

 

मीडिया- विमर्श/ Media Discourse

  • तकनीकी हिंदी का मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी में विकास की उपादेयता: डॉ. दिग्विजय शर्मा [शोध आलेख]
  • आपकी दृष्टि में पत्र-पत्रिकाओं का उद्देश्य क्या होना चाहिए? [चर्चा]

 

दलित एवं आदिवासी- विमर्श/ Dalit and Tribal Discourse

  • धोबी जाति में धोबिया संस्कृति के सांस्कृतिक तत्वों का विश्लेषण: शिव कुमार [शोध आलेख]
  • बाधाओं को पछाड़ती दलित प्रतिभा (जूठन भाग-2): रितु अहलावत [शोध आलेख]
  • दलित कथा साहित्य में चित्रित बालकों का मनोविज्ञान: मनीष खारी [शोध आलेख]
  • आक्रोश और पहाड़ा फिल्म में चित्रित आदिवासी जीवन: रामधन मीणा [शोध आलेख]

 

स्त्री- विमर्श/ Feminist Discourse

  • “Women” in Liberal Feminism: Garima [Research Article]
  • समकालीन परिवेश में नारी विमर्श: आकांक्षा यादव [शोध आलेख]
  • भारत में महिला सशक्तिकरण: एक विश्लेषण- डॉ. ऋचा रानी यादव, महेश कुमार तिवारी [शोध आलेख]
  • मनरेगा और महिला सशक्तिकरण: अनुराग कुमार पाण्डेय [लेख]
  • महिलाएं और भ्रूण हत्या: आशा शैली [लेख]
  • महिला सशक्तिकरण: दशा एवं दिशा- डॉ. बसुंधरा उपाध्याय [शोध आलेख]
  • महिला मानवाधिकारों के पुरोधा डॉ. आंबेडकर: डॉ. चित्रलेखा अंशु [शोध आलेख]
  • वर्तमान समयः स्त्री जीवन की समस्याएं: रेणु चौधरी [शोध आलेख]
  • पुरुष वर्चस्ववाद को बनाए रखने में दहेज प्रथा की भूमिका: सूर्या ईवी [शोध आलेख]
  • स्त्री का राजनीतिकरण और मृदुला गर्ग: अजय कुमार साव [शोध आलेख]
  • मृच्छकटिकम्में नारी-मनोविज्ञान: अरुण कुमार निषाद[शोध आलेख]
  • स्त्री विमर्श के आईने में उषा प्रियंवदा का उपन्यास ‘शेष यात्रा’: मनीश कुमार शुक्ला [शोध आलेख]
  • गाली-गलौज में माँ का इस्तेमाल क्यों ?: जहीर ललितपुरी [लेख]
  • कठोर कानून के बावजूद रेप की घटनाओं में बढोतरी, कारण और समाधान। [चर्चा]

 

बाल- विमर्श/ Child Discourse

  • बस्तों के बोझ तले दबता बचपन: डॉ. रेखा जैन [लेख]
  • बच्चों पर उम्मीदों का बोझ डालने से क्या बच्चे बचपन का महत्वपूर्ण समय खो रहे हैं ? [चर्चा]

 

भाषिक- विमर्श/ Language Discourse

  • अभिकलनात्‍मक भाषाविज्ञान का संक्षिप्‍त परिचय: प्रवेश कुमार द्विवेदी [लेख]
  • राष्ट्रीय अस्मिता के निर्माण में भाषा की भूमिका: समर विजय [लेख]
  • पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी की बढ़ती लोकप्रियता: अवधेश कुमार 'अवध' [शोध लेख]
  • यू. एन. ओ. और हिन्दी: लावण्या दीपक शाह [ उत्तर अमेरिका, ओहायो प्रांत] [लेख]
  • अपने ही देश में हिंदी भाषा के पिछडने का कारण क्या है एवं इसका विकास कैसे हो। [चर्चा]

 

शिक्षा- विमर्श/ Education Discourse

  • Challenges of Globalization on Indian Higher Education: Ankush Sethiya [Research Article]
  • The future of foreign higher education: How technology will shape learning- Er. Manish Porwal [Research Article]
  • क्या शिक्षा की वर्त्तमान व्यवस्था में समझ से अधिक अंक प्रतिशत का महत्त्व है ? [चर्चा]

 

समसामयिक विषय/ Current Affairs

  • Comprehending Maoist Violence: Theoretical Perspectives: Ambikesh Kumar Tripathi [Research Article]
  • DOCTOR PATIENT RELATIONSHIP IN VEDIK ERA: Dr Shyam gupta [Article]
  • समकालीन भारत किसानो का प्रतिरोध (आन्दोलन) और राजनीतिक प्रतिनिधित्व: चन्दन कुमार [शोध आलेख]
  • अभिव्यक्ति की आज़ादी का दायित्व और क़ीमत: डॉ. मोहसिन ख़ान [लेख]
  • नदियों के जलसंरक्षण एवं पुनर्जीवन के कुछ सफल प्रयास: ललित यादव [लेख]
  • वैश्वीकरण और मानवीय मूल्यों का आधुनिक परिदृश्य: ईश शक्ति सिंह [लेख]
  • रोड टैक्स और इसकी प्रासंगिकता: अटल राम चतुर्वेदी [लेख]
  • महाभारतकालीन विज्ञान और आज का विज्ञान: अनुबंध- नेहा भांडारकर [शोध निबंध]
  • बंदूक से नहीं वास्तु से खत्म होगा उग्रवाद और नक्सलवाद!' 'वास्तु से ही भारत बनेगा सोने की चिडिय़ा!': राजकुमार झांझरी [लेख पत्र]

 

शोध आलेख/ Research Article

  • आलोचना और इतिहास: संगीता कुमारी
  • संस्कृति में प्रतिरोध का स्वर और गाँधी (हिन्द स्वराज के संदर्भ में): डा. प्रकाशचंद्र भट्ट
  • आधुनिक हिंदी कविता में मानवाधिकार की संकल्पना: मानव मूल्यों के परिप्रेक्ष्य में- डॉ. दयाराम
  • उत्तर-आधुनिकता: एतिहासिक विकास क्रम व उद्भवपरक विमर्श: अक्षय रस्तोगी
  • त्रिलोचन के काव्य में आर्थिक चिंतन का स्वरूप: डॉ. सुभाष चंद्र पाण्डेय
  • दलित समाज का दस्तावेज ‘नाच्यो बहुत गोपाल’: डॉ. सविता कुमार श्रीवास्तव
  • गोदान और नलिन विलोचन शर्मा: अजय आनंद
  • जनपद के कवि ‘त्रिलोचन’: डॉ. गोपाल प्रसाद
  • सांस्कृतिक मूल्यों के पुनरुत्थान का काव्य: आधुनिक हिंदी राम काव्य- डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंघवी
  • असगर वजाहत : अपने समय-संदर्भों का अफ़्सानानिगार- डॉ. धनंजय कुमार साव
  • आधुनिक हिंदी कविता में प्रकृति चित्रण: भारती कुमारी
  • “नई सदी में बदलता साहित्यिक परिदृश्य समकालीन हिंदी ग़ज़ल की परम्परा”: अवधेश कुमार जौहरी
  • प्रगतिशील कवियों में नागार्जुन का स्थान: डॉ. शिप्रा किरण
  • अदम गोंडवी : शोषित-उत्पीड़ित वर्ग का चितेरा- निशान्त मिश्रा
  • हिंदी उपन्यासों में अभिव्यक्त खेल जीवन: जैनेन्द्र कुमार
  • मलेशिया और री-यूनियन में बसे तमिल डायस्पोरा: विजय कुमार
  • घर का आखिरी कमराउपन्यास का पुनर्पाठ: उपमा शर्मा
  • मैला आँचलमें राजनीति: मनीष
  • उजले दिनों की आहट का स्वर: डॉ. दीना नाथ मौर्या
  • ‘जारसत्ता’ शब्द के खोजकर्ता डॉ. धर्मवीर का जाना: दीपा
  • 'बाघ' कविता का एक पाठ: सुनील कुमार मिश्र
  • हिंदी आलोचना और देरिदा: आकांक्षा भट्ट
  • ‘लाल क्रांति के पंजे में’ गुलामी और दमन के साम्राज्य पर वार करने वाली महत्वपूर्ण कड़ाई: डॉ. मधुलिका बेन पाटेल
  • हिंदी कहानी में व्यक्ति और श्रीकांत वर्मा की कहानी: मीनाक्षी रानी
  • नागार्जुन के काव्य के मुख्य सरोकार: कु. किरण त्रिपाठी
  • कबीर की कविताओं में नैतिकता की अवधारणा: डॉ. निरंजन कुमार यादव
  • जैन साहित्य का हिंदी साहित्य में अवदान: शोभा चौहान
  • अजनबियत के आईने में नई कहानी: शिवानी सक्सेना
  • इक्कीसवीं सदी की पहले दशक की कहानियाँ और मुस्लिम जीवन: ज्योतिष कुमार यादव
  • ओमप्रकाश वाल्मीकि: अनुभूति से अभिव्यक्ति तक- कल्पना सिंह राठौड़
  • तुलसी विषयक हिन्दी आलोचना के कुछ मूल मुद्दे एवं उसकी सीमाएं: लक्ष्मण यादव
  • भक्त कवियों के संदर्भ में नाभादास की आलोचकीय दृष्टि: छाया चौबे
  • “नयी कहानी में परम्परा और आधुनिकता का द्वंद्व : त्रिशंकु कहानी के विशेष सन्दर्भ में”- कल्पना सिंह
  • ‘स्वप्न’ और ‘स्वप्नभंग’ के कथाकार: प्रभात रंजन- ध्रुव कुमार
  • “बच्चन के काव्य में बिम्ब विधान”: चरंजीलाल
  • “ममता कालिया: ‘दुक्खम सुक्खम’ में चित्रित यथार्थ”: वंदना शर्मा
  • भूमण्डलीकरण : विकास या विनाश ? (समकालीन हिन्दी आदिवासी उपन्यास के संन्दर्भ में): मुमताज़.बी.एम
  • ‘प्रगतिशील आन्दोलन के संदर्भ में नागार्जुन का काव्य-सौन्दर्य’: राजवीर सिंह मीना
  • लिम्बाले की आत्मकथा ‘अक्करमाशी’ : सामाजिक परिवेश के परिप्रेक्ष्य में: लक्ष्मी प्रसाद कर्ष

 

साक्षात्कार/ Interview

  • सुप्रसिद्ध पंजाबी कहानीकार, कवि और फ़िल्म निर्देशक डॉ. बलजीत रैना के साथ पंजाबी साहित्यकार डॉ. मोनोजित की एक मुलाक़ात का यशपाल निर्मल द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद
  • श्रीमती रमणिका गुप्ता जी से डॉ. वंदना कुमार एवं राजेन्द्र कुमार की बातचीत
  • व्यंग्य आलोचक एवं प्रसिद्द व्यंग्यकार सुभाष चंदर जी संतोष विश्नोई की बातचीत

 

अनुवाद/ Translation

  • कम्यूटर अनुवाद और हिंदी: पूजा तिवारी

 

नव-लेखन / New writing

  • मंटो का साहित्य: समय के उन्माद पर लिखा करुणा का शिलालेख- शाशांक शुक्ला
  • भारत विभाजन और कथाकार सआदत हसन ‘मंटो’: सालिम मियाँ
  • सफलता की आधारशिला सच्चा पुरुषार्थ: पंकज ‘प्रखर’

 

प्रवासी साहित्य/ Diaspora Literature

  • वैश्विक हिंदी साहित्य एवं प्रवासी कहानी लेखन: शबनम तबस्सुम

 

आवरण चित्र/Cover pic: हर्षजीत दास/ Harshjit Das






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परिचय

जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका, जनकृति (साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था) द्वारा प्रकाशित की जाने वाली बहुभाषी अंतरराष्ट्रीय मासिक पत्रिका है. पत्रिका मार्च 2015 से प्रारंभ हुई, जिसका उद्देश्य सृजन के प्रत्येक क्षेत्र में विमर्श के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण विषयों को पाठकों के समक्ष रखना है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पत्रिका में साहित्य, कला, मीडिया, शोध, शिक्षा, दलित एवं आदिवासी, समसामायिक विमर्श स्तंभ रखे गए हैं साथ ही अनुवाद, साक्षात्कार, प्रवासी साहित्य जैसे महत्वपूर्ण स्तंभ भी पत्रिका में शामिल किए गए हैं. पत्रिका का एक उद्देश्य सृजन क्षेत्र के हस्ताक्षरों समेत नव लेखकों को प्रमुख रूप से मंच देना है. पत्रिका में शोधार्थी, शिक्षक हेतु शोध आलेख का स्तंभ भी है, जिसमें शोध आलेख प्रकाशित किए जाते हैं. पत्रिका वर्त्तमान में यूजीसी द्वारा जारी सूची के साथ-साथ विश्व की 9 से अधिक रिसर्च इंडेक्स में शामिल है. शोध आलेखों की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए विषय विशेषज्ञों द्वारा शोध आलेख का चयन किया जाता है. पत्रिका समाज एवं सृजनकर्मियों के मध्य एक वैचारिक वातावरण तैयार करना चाहती है, जो आप सभी के सहयोग से ही संभव है अतः पत्रिका में प्रकाशित सामग्रियों पर आपके विचार सदैव आमंत्रित हैं.

-कुमार गौरव मिश्रा (संस्थापक एवं प्रधान संपादक)